Mol Ki

Genre: General Fiction, Humour, Romance, Young Adult
$0.78

Book Summary

जैसा कि इस उपन्यास का नाम है मोल की। उससे आप अपने आप समझ गये होंगे कि इसमें जरूर किसी ऐसी बात का जिक्र होगा जो मोल खरीद कर लायी गयी होगी। लेकिन ये कोई वस्तु नही थी। ये तो जीती जागती इंसान थी। एक स्त्री।
साथ ही ये सिर्फ एक या दो नही बल्कि हजारों की संख्या में थी। जो ऐसे खरीदी बेची जातीं थीं जैसे ये कोई रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु हों। लेकिन उनका दिल क्या चाहता था ये कोई नही जानता था। माला अभी ठीक से जवान भी न हुई थी कि उसे बाप की उम्र के एक आदमी को बेच दिया गया।
उसे तो शादी से एक घण्टे पहले तक ये न पता था कि कुछ ही देर में वे घर से किसी और के साथ हमेशा हमेशा के लिये कहीं भेज दी जानी है। बस कोई आया और उसे लेकर चला गया। ऐसे ही होता था यहां। सारी लडकियों के साथ। उनमें से दो तीन का जिक्र इस उपन्यास में किया गया है।

About the Author

Dharmendra Rajmangal is a Hindi writer, was born (28 june 1993) in Hathras District Uttar Pradesh. He is first writer of his village Panchayat, history of 100 Years. 'Mangal Bazaar' is his first published Novel. second novel 'swapnadosh-the night fail' is as ebook. third 'Amarbel' as ebook. Fourth 'Pavitra Veshya'. Fifth is 'Pathwari'. Sixth is Poetry Collection 'Dil Dariya' . seventh 'Mol Ki'.

create bestselling novels with pimp my fiction writing technique secrets

 

 

Save