Swapnadosh - The NightFail

Genre: Fantasy, Romance, Young Adult
$1.00

Book Summary

स्वप्नदोष- द नाईटफेल. मैं ये अपनी समझ से कह सकता हूँ कि आपने हिंदी या अंग्रेजी में शायद ही इतना रोचक उपन्यास पढ़ा होगा. इस उपन्यास में वो सब पढने को मिलेगा जो हमारे आसपास या हमारे साथ अक्सर होता है.
एक ही क्लास में पढने वाले देविका और बिल्लू की सीधी सच्ची प्रेम कहानी और उसके साथ धातुरोग जैसी समस्या जो अक्सर सुनने में आती है. आप कह सकते हैं कि ये उपन्यास फूहड़ या अश्लील होगा?
इसमें गंदी बातें लिखी होंगी? लेकिन सिर्फ ऐसा नहीं है.
अगर ये उपन्यास अश्लील होगा तो शहर की हर वो दीवार अश्लील और घिनौनी होगी जो धातुरोग और गुप्तरोग के प्रचारों से पुती रहती है. हर वो राष्ट्रीय अखबार अश्लील होगा जो अपना एक पेज सिर्फ इसी तरह के विज्ञापनों से भरता है.
इस उपन्यास में आपको वो पढने को मिलेगा जो सच्चाई के एकदम नजदीक है. किस तरह से एक युवा होते लडके या लडकी को इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
अगर वे इन समस्याओं से जूझते हैं तो क्या करते है? जब कुछ करते हैं तो कितना हास्य पैदा होता है. मैं ज्यादा कुछ न कहते हुए आपको इस उपन्यास का एक छोटा सा अंश पढाये देता हूँ-
1- देविका ने हिंदी की कॉपी का सातवाँ प्रष्ठ पढना शुरू कर दिया. जिसमें कुछ इसप्रकार लिखा था, “प्यारी लेकिन बहुत ज्यादा जिद्दी देवो. में जो अब तुमसे कहने जा रहा हूँ वो शायद ही कोई लड़का किसी लडकी से कहता. शायद ही कोई लडकी तुम्हारी तरह इतनी जिद करती. लेकिन अब जो भी हो में तुम्हें वो बात बता ही देता हूँ. परन्तु यकीन मानो मुझे यह सब लिखने में बहुत शर्म महसूस हुई. मुझे रात में सोते समय कुछ सपना सा आता है और उसी वक्त मेरे अंदर से मेरी धातु, तुम धातु समझती हो न. इसे वीर्य भी कहते हैं. वो मेरे अंदर से मेरे निक्कर में निकल जाता है. इसे लोग 'धातुरोग' नाम से भी जानते है. लोग कहते हैं कि इस बीमारी से आदमी अंगूर से 'किसमिस' बन जाता है.
मतलब आदमी आदमी नही रहता बल्कि कुछ और ही बन जाता है. इससे उसके शरीर की हानि भी होती है. बस में इसी वजह से उदास चल रहा था. और हाँ इसे पढने के बाद क्रपया मेरे कमर से नीचे के हिस्से की तरफ मत देखना. जैसे कि अन्य लोग इस बीमारी का पता चलते ही देखने लगते हैं. अब अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हारे पास इसका कोई समाधान है तो लिख भेजना, “तुम्हारा, शर्म से पानी पानी, बिल्लू.”
देविका ने पूरा खत पढ़ते ही बिल्लू की तरफ देखा और न चाहते हुए भी उसकी नजर बिल्लू के शरीर के निचले हिस्से से जा टिकी. बिल्लू को लगा जैसे देविका कपड़ों में से ही उसका नंगा शरीर देख लेगी. उसने जल्दी से अपनी गोद में बैग रख लिया. देविका यह देख न चाहते हुए भी खिलखिला कर हंस पड़ी. उसने लाख कोशिश की कि न हँसे लेकिन बिल्लू के लडकियों जैसे बर्ताव ने उसकी हंसी को रुकने न दिया.
2- फिर देविका के जबाव वाली चिट्ठी-
देविका ने लिखा था, “प्यारे लेकिन बहुत ही भोले बिल्लू. तुम विना बात ही इतना घबरा गये थे. तुम्हें जो बीमारी हुई है ऐसी ही बीमारी मुझे भी हुई थी. तुम कह सकते हो कि तुम्हारी देवो को भी 'धातुरोग' हो गया था. मुझे सफ़ेद पानी आने की बीमारी हो गयी थी. लेकिन तुम्हारे सफेद पानी और इस सफेद पानी में काफी अंतर होता है. तुम लडके हो और में लडकी. हम दोनों को एक ही तरह की हर बीमारी नही हो सकती. में भी तुम्हारी तरह ही उदास रहती थी लेकिन तभी मेले में मुझे ये किताब मिली और इसे पढ़ कर मैंने अपना इलाज कर लिया.
आज यह किताब तुम्हारे पास है. मुझे आशा है तुम भी यही करोगे. लेकिन बिल्लू यह सोच सोचकर मेरे शरीर में गुदगुदी होती है कि तुम अब बड़े हो गये हो. बड़े से मतलब जिस तरह की तुम्हे बीमारी हुई है वो एक बड़े होने का लक्षण है. पता नही क्यों जब से मैंने तुम्हारे उस धातुरोग शब्द को सुना है तब से मेरा मन अजीब सी गरमाई से भर गया है.
देखो बिल्लू बुरा मत मानना. मैंने वही लिखा है जो मेरे मन में था और हाँ तुम सफेद पानी आने वाली बीमारी के बारे में अगर न जानते हो तो इसी किताब में आठ नम्बर पेज पर पढ़ लेना. एक बात और बता दूँ कि मेरे अपनी बीमारी के बताने के बाद तुम भी मेरे शरीर के निचले हिस्सों पर नजर मत करना. क्योंकि जब से तुमने मुझसे मना किया था तब से मेंरी नजर अपने आप तुम्हारे उस हिस्से पर जा टिकती है. जिसको देखने की तुमने मनाही की थी. इसके लिये मुझे माफ़ कर देना, “तुम्हारी 'देवो’.”
ये जगह जगह से उठाकर आपको पढ़ाया है. इसे पूरा पढ़ें और जैसा भी लगे मुझे अपनी राय दें. मैं आपकी प्रतिक्रिया का इन्तजार करूंगा. मुझे पता है आप इसे पढेंगे और मुझे लिखेंगे भी. धन्यवाद.

About the Author

Dharmendra Rajmangal is a Hindi writer, was born (28 june 1993) in Hathras District Uttar Pradesh. He is first writer of his village Panchayat, history of 100 Years. 'Mangal Bazaar' is his first published Novel. second novel 'swapnadosh-the night fail' is as ebook. third 'Amarbel' as ebook. Fourth 'Pavitra Veshya'. Fifth is 'Pathwari'. Sixth is Poetry Collection 'Dil Dariya' . seventh 'Mol Ki'.

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